जयपुर RTO का महा-अभियान: 15 साल पुराने ट्रक, बस और टैम्पो होंगे सीज, 45 दिन की सख्ती शुरू।

By | February 20, 2026
Jaipur RTO Action 2026

Jaipur RTO Action 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। ‘नॉन अटेनमेंट सिटी’ घोषित हो चुके जयपुर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है।

Jaipur RTO Action 2026: प्रदूषण पर लगाम लगाने की तैयारी

शहर की हवा को स्वच्छ बनाने और प्रदूषण के स्तर को कम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 45 दिन का विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत पुराने और नियमों का उल्लंघन कर रहे व्यावसायिक वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा, जो जहरीला धुआं फैलाकर पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

मौके पर ही होंगे वाहन सीज (Jaipur RTO Action 2026)

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीमें शहर के प्रमुख चौराहों, औद्योगिक क्षेत्रों, हाईवे और बाहरी सीमाओं पर तैनात रहेंगी। जांच के दौरान यदि कोई कॉमर्शियल वाहन 15 साल की समय सीमा पार कर चुका पाया गया, तो उसे मौके पर ही सीज कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

क्यों जरूरी है यह अभियान (Jaipur RTO Action 2026)

जयपुर को ‘नॉन अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया गया है, जहां वायु प्रदूषण का स्तर तय मानकों से अधिक है। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहन, खासकर कमर्शियल वाहन, हवा में जहरीले कणों की मात्रा बढ़ाने का बड़ा कारण बन रहे हैं। ऐसे में इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

वाहन मालिकों के लिए जरूरी सूचना (Jaipur RTO Action 2026)

परिवहन विभाग ने कमर्शियल वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की उम्र, फिटनेस और वैध दस्तावेजों की जांच कर लें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन सीज होने के साथ आर्थिक दंड और अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

जयपुर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए शुरू किया गया यह 45 दिवसीय विशेष अभियान शहर के लिए अहम माना जा रहा है। यदि इसे सख्ती से लागू किया जाता है, तो इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होने और लोगों को स्वच्छ हवा मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer:

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। नियमों में बदलाव समय-समय पर हो सकता है, इसलिए आधिकारिक सूचना के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट या नोटिफिकेशन जरूर देखें।

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