चांदी में ‘सुनामी’: ₹4.10 लाख से गिरकर ₹2.60 लाख पर आई चांदी, क्या यह खरीदारी का सबसे बड़ा मौका है?

By | February 21, 2026
Silver Price Crash 2026

Silver Price Crash 2026: साल 2026 की शुरुआत में सर्राफा बाजार में जो तेजी देखने को मिली थी, उसने हर निवेशक को चौंका दिया था। चांदी के दाम आसमान छू रहे थे और बाजार में जबरदस्त उत्साह था। लोगों को लग रहा था कि चांदी अब लगातार ऊपर ही जाएगी और नया रिकॉर्ड बनाएगी।

लेकिन फरवरी आते-आते माहौल पूरी तरह बदल गया। जिस चांदी ने कुछ ही दिनों में ऐतिहासिक ऊंचाई छू ली थी, वही अचानक गिरावट के रास्ते पर आ गई। आज चांदी की कीमतें ₹2.4 लाख से ₹2.7 लाख प्रति किलो के बीच कारोबार कर रही हैं। जनवरी के अंत में ₹4 लाख से ₹4.3 लाख प्रति किलो तक पहुंचने वाली चांदी में महज 20 दिनों में करीब ₹1.5 लाख की गिरावट ने पूरे सर्राफा बाजार को हिला दिया है।

ऐतिहासिक ऊंचाई से अचानक गिरावट (Silver Price Crash 2026)

जनवरी 2026 का आखिरी हफ्ता सर्राफा बाजार के इतिहास में खास माना जा रहा है। उस समय सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। वैश्विक तनाव, डॉलर में कमजोरी और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश ने चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया था।

उस दौर में कई लोगों ने ऊंचे दाम पर चांदी खरीदी, यह सोचकर कि कीमतें और बढ़ेंगी। लेकिन फरवरी के मध्य तक बाजार की दिशा बदल गई। मुनाफावसूली शुरू हुई और कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।

अब बाजार में असमंजस का माहौल है। जिन लोगों ने ऊंचे भाव पर निवेश किया था, वे नुकसान को लेकर चिंतित हैं। वहीं कुछ निवेशक इस गिरावट को खरीदारी का मौका मान रहे हैं।

औद्योगिक मांग से जुड़ी बड़ी उम्मीदें (Silver Price Crash 2026)

आज चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और कई आधुनिक तकनीकों में तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि चांदी को अब एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु माना जा रहा है।

वैश्विक बाजार की स्थिति, शेयर बाजार की चाल और बड़े देशों की आर्थिक नीतियां चांदी की कीमतों को सीधे प्रभावित करती हैं। खासकर बड़े देशों के फैसले और मांग में बदलाव बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

इस वजह से निवेशक हर खबर और हर बदलाव पर नज़र बनाए हुए हैं। बाजार में डर और उम्मीद दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

सोने पर भी रहेगा असर (Silver Price Crash 2026)

चांदी के साथ-साथ सोना भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प माना जाता है। फिलहाल सोना ₹1.5 लाख से ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सोने में भी बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

सर्राफा बाजार में अक्सर देखा जाता है कि जब चांदी में बड़ी हलचल होती है, तो सोने की कीमतों पर भी उसका असर पड़ता है। इसलिए निवेशक दोनों धातुओं की कीमतों पर नजर रख रहे हैं।

क्या यह निवेश का सही मौका है?

यह सवाल हर निवेशक के मन में है। इतनी बड़ी गिरावट के बाद कुछ लोगों को लगता है कि यह खरीदारी का सही समय हो सकता है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि बाजार अभी स्थिर नहीं हुआ है, इसलिए जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है।

अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो सबसे जरूरी है कि भावनाओं में बहकर फैसला न लें। बाजार को समझें, अपने बजट को देखें और धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपनाएं।

लंबी अवधि में चांदी की मांग बढ़ने की संभावना है, लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

बाजार में डर और उम्मीद का खेल (Silver Price Crash 2026)

सर्राफा बाजार इन दिनों भावनाओं का खेल बन गया है। कहीं डर है कि कीमतें और गिर सकती हैं, तो कहीं उम्मीद है कि जल्द ही फिर तेजी आएगी।

चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट कई निवेशकों के लिए झटका है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अवसर भी हो सकता है। बाजार कभी खुशी देता है, तो कभी सब्र सिखाता है। यही निवेश की दुनिया की असली सच्चाई है।

चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने सर्राफा बाजार को हिला दिया है। बाजार अभी अस्थिर है और आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। निवेश करने से पहले सही जानकारी, धैर्य और रणनीति जरूरी है, ताकि जोखिम कम हो और सही मौके का फायदा उठाया जा सके।

Disclaimer:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दी गई कीमतें और बाजार विश्लेषण समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को समझें। लेखक किसी भी प्रकार के निवेश लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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