UPI New Rules 2026: आज से बदल गए Google Pay और PhonePe के नियम

By | February 25, 2026

फरवरी 2026 से UPI में बड़े बदलाव: बैलेंस चेक पर 50 बार की लिमिट, ऑटोपे अब सिर्फ नॉन-पीक टाइम में! PhonePe, Google Pay यूजर्स ध्यान दें

फरवरी 2026 से UPI पेमेंट सिस्टम में NPCI ने कई अहम नियम लागू कर दिए हैं, जो पूरे भारत में GPay, PhonePe, Paytm, BHIM जैसे सभी ऐप्स पर लागू हो रहे हैं। ये बदलाव मुख्य रूप से सर्वर लोड कम करने, ट्रांजेक्शन फेल होने से बचाने और सिस्टम को ज्यादा स्टेबल + सुरक्षित बनाने के लिए हैं। अगर आप रोज UPI यूज करते हैं तो ये नियम सीधे आप पर असर डालेंगे – खासकर बैलेंस चेक करने, ऑटोपे और इनएक्टिव ID वालों पर।

मुख्य UPI नियम बदलाव फरवरी 2026 (अभी लागू!)

  • बैलेंस चेक की नई लिमिट अब एक UPI ऐप से दिन में सिर्फ 50 बार ही बैंक बैलेंस चेक कर पाओगे। अगर आपके पास 2 ऐप्स हैं (जैसे PhonePe + Google Pay), तो कुल 100 बार तक चेक कर सकते हो। बार-बार चेक करने से पहले सर्वर पर लोड पड़ता था, इसलिए ये लिमिट लगाई गई है – अब ज्यादा चेक करने पर ऐप मैसेज दिखाएगा “लिमिट रीच हो गई”।
  • लिंक्ड अकाउंट लिस्ट देखने की लिमिट एक ऐप से दिन में केवल 25 बार ही लिंक्ड बैंक अकाउंट्स की लिस्ट देख पाओगे। ये भी अनावश्यक API कॉल्स रोकने के लिए है।
  • ऑटोपे (EMI, सब्सक्रिप्शन, बिल पेमेंट) के नए नियम अब ऑटोपे ट्रांजेक्शन सिर्फ नॉन-पीक आवर्स में प्रोसेस होंगे (पीक टाइम जैसे सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक या शाम के रश आवर्स में नहीं)। हर ऑटोपे रिक्वेस्ट को मैक्सिमम 4 बार ट्राई किया जाएगा (1 ओरिजिनल + 3 रिट्राई)। इससे फेल्ड पेमेंट्स कम होंगे और सर्वर क्रैश जैसी समस्या नहीं आएगी।
  • इनएक्टिव UPI ID पर सख्ती अगर आपका UPI ID 12 महीने से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो वो ऑटोमैटिकली डिएक्टिवेट हो जाएगा। वजह: मोबाइल नंबर री-अलोकेट होने पर फ्रॉड का खतरा बढ़ता है। टिप: अगर लंबे समय से यूज नहीं किया तो छोटा-सा ट्रांजेक्शन करके एक्टिव रखो!
  • अन्य सुधार जरूरी ट्रांजेक्शन का API रिस्पॉन्स अब 10 सेकंड के अंदर आएगा (पहले 30 सेकंड तक लग सकता था) – पेमेंट्स और तेज हो जाएंगे। कुछ बैंक/NBFC अब प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन से UPI पर पेमेंट या निकासी आसान कर रहे हैं (ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा)।

यूजर्स के लिए जरूरी टिप्स

UPI New Rules 2026 :

  1. आज ही अपने ऐप में बैलेंस चेक करके देखो – लिमिट क्रॉस न हो जाए!
  2. ऑटोपे सेटअप वाले यूजर्स: अपने बिल/EMI की डेट चेक करो, नॉन-पीक टाइम में ही प्रोसेस होंगे।
  3. पुराने UPI ID वाले: ऐप खोलकर एक छोटा पेमेंट कर दो ताकि डिएक्टिवेट न हो।
  4. बार-बार बैलेंस चेक करने की आदत छोड़ो – ऐप नोटिफिकेशन से बैलेंस अपडेट रहता है।
  5. सभी UPI ऐप्स को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखो – नए नियम ऑटो अप्लाई हो जाएंगे।

ये बदलाव UPI को और मजबूत, फास्ट और फ्रॉड-फ्री बनाने के लिए हैं। छोटे यूजर्स को ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन हेवी यूजर्स को प्लानिंग करनी पड़ेगी।

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